Friday, 1 May 2020

और स्त्री पुरुष में शिव के भाव को आरोपित करें

'तंत्र साधना सूत्र-2'
21 दिन बाद, साधना के लिए दिन का एक निश्चित समय तय करें|
साधना में बैठने से पहले दोनों पार्टनर का स्नान करना ज़रूरी है| स्नान करने के बाद, कोई ढीला सूती वस्त्र पहने, फिर 20 मिनट ध्यान में बैठें| ध्यान करते समय आप दोनों को आमने-सामने बैठना है| तीन चरण में ध्यान करें, पहला पांच मिनट भाव करें कि आपका शरीर शिथिल हो रहा है, दूसरा पांच मिनट भाव करें कि आपकी साँसे शांत हो रही है| तीसरा पांच मिनट भाव करें कि विचार शांत हो रहे हैं| अंत में पांच मिनट सिर्फ मौन में अडोल बैठे रहें| समय का बोध रहे, इसके लिए आप कोई ऐसा संगीत बजा सकते हैं, जो हर पांच मिनट पर बदलता हो|
ध्यान के बाद, दोनों पार्टनर हाथ जोड़ कर एक दुसरे को प्रणाम करें| पुरुष स्त्री में शक्ति/देवी के भाव को आरोपित करे, और स्त्री पुरुष में शिव के भाव को आरोपित करें|
पहला दिन-
पुरुष को मसाज करना है| अपनी पत्नी/प्रेमिका को बेड पर पेट के बल लिटा दें (बिस्तर एक दम साफ़-सुथरा और पवित्र होना चाहिए)| वस्त्र नहीं उतारना है| कोई सुमधुर संगीत बजा लें| अगर संभव हो तो साधना के लिए ऐसा कमरा चुने जो बहुत भरा हुआ न हो| कमरा जितना खाली होगा, साधना के लिए उतना सही है|
स्त्री के पैरों से शुरू करें, पहले दस मिनट पैर के पंजों से लेकर घुटनों तक का मसाज करें| फिर कमर से लेकर गर्दन तक| फिर दोनों हाथों का| अंत में स्त्री के सिर में तेल लगा कर सर का मसाज करें| जब पूरी प्रक्रिया समाप्त हो जाए, तब एक दुसरे को प्रणाम करके, अहोभाव प्रगट करें और कमरे से निकल जाए|
नोट- पहले दिन, स्त्री पुरुष में से कोई भी वस्त्र नहीं उतरेगा...मसाज के दौरान स्त्री के ....................,,,,,,,नहीं छूना है| और सिर्फ 20 मिनट मसाज करना है|
दूसरा दिन-
आज फिर पुरुष को मसाज करना है- पहले ही दिन की तरह स्नान करके ध्यान कर लें| फिर स्त्री से कहें कि वो अपने वस्त्र ख़ुद ही उतार ले, और बेड पर पेट के बल लेट जाए| (आपको अपने वस्त्र नहीं उतारने हैं)| कल के ही तरह आज भी आपको मसाज करना है| आज के मसाज में दो चीज़ें नयी होगी, एक स्त्री के शरीर पर वस्त्र नहीं होगा| दूसरा, मसाज के दौरान आपको 'तेल' का इस्तेमाल करना है| अंत में एक दुसरे को प्रणाम करके अहोभाव प्रगट करना है, और फिर अलग हो जाना है|
नोट- कल की तरह आज भी आपको स्त्री के सेक्स .........,. नहीं छूना है| आज का मसाज 30 मिनट का होगा|
तीसरा दिन-
आज स्त्री मसाज करेगी- आज जब आप स्नान करके ध्यान में एक दुसरे के आमने-सामने बैठेंगे, तो दोनों के शरीर पर वस्त्र नहीं होगा| आज ध्यान आँख खोल कर करना है| पहले एक दुसरे की आँखों में देखें, फिर दृष्टि को नीचे लाएं, स्त्री पुरुष के जननेंद्रिय पर ध्यान करेगी, और पुरुष स्त्री के स्तन पर| बहुत ही शान्ति पूर्वक एक दुसरे के प्रतेक अंग को देखें| फिर बीस मिनट बाद, पुरुष बेड पर पेट के बल लेट जाएगा| फिर स्त्री पुरुष के पूरे शरीर का मसाज करेगी|
नोट- मसाज का समय 30 मिनट होगा| मसाज में तेल का इस्तेमाल करना है| स्त्री को पुरुष एक दुसरे के सेक्स सेंटर्स को नहीं छुएंगे|
चौथा दिन- आज का दिन........
(आगे की साधना बहुत ही गूढ़-व-गुप्त है, आगर आप जानना चाहते हैं , तो ikkyutzu@gmail.com पर sub में ‘तंत्र साधना सूत्र’ लिख कर मेल करें।
चित्र साभार-गूगल

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