Friday, 24 April 2020

'तंत्र साधना सूत्र-1'


चित्र साभार- गूगल
तंत्र में उतरने से पहले ख़ुद को थोड़ा तैयार करना जरूरी है| अभी हम जिस स्थिति में हैं, उस स्थिति में तंत्र में प्रवेश करना कठिन है| इसीलिए, पहले मैं आपको कुछ ऐसी बातें बताता हूँ, जिससे हम ख़ुद को तंत्र के लिए तैयार कर सकते है|
साधना शुरू करने से पहले 21 दिन तक आपको साधना में उतरने की तैयारी करनी होगी| तैयारी का पहला चरण है, शरीर शुद्धि, बिना शरीर को शुद्ध किये तंत्र की साधना संभव नहीं है| शरीर को शुद्ध करने के लिए आपको सबसे पहले अपने आहार को ठीक करना होगा| आहार ठीक करने का सरल सूत्र है, स्वाद के नहीं, शरीर की जरूरत के हिसाब से भोजन करना| अगले 21 दिनों के लिए मांसाहार, नशे का सेवन, धूम्रपान, अधिक तला हुआ, मीठा तथा गरिष्ठ भोजन का सेवन न करें| भोजन में हरी-सब्जी, फल, सलाद, जूस, नारियल पानी, देसी गाय का दूध (अगर दूध आपको पचता हो तो) और घर का बना सादा खाना ही खाएं| भोजन की मात्रा उतनी हो, जितने से खाने के बाद भारीपन महसूस न हो| इसके अलावा, अगर संभव हो तो, सुबह उठ कर योग की सूक्ष्म क्रियाएँ तथा प्राणायाम करें| अगर ऐसा न कर पाएं तो, रात का खाना खाने के बीस मिनट बाद 40 मिनट वाक कर लें|
आहार सुधारने के अलावा, शरीर को शुद्ध करने के लिए सबसे अहम् चीज़ है ब्रह्मचर्य का पालन| अगले 21 दिनों तक आपको sex नहीं करना है| एक वीर्य स्खलन के बाद शरीर को कम-से-कम 15 दिन लगते हैं, फिर से सेक्स के लिए तैयार होने में| 15 दिन से पहले सेक्स करना,शरीर के साथ अत्याचार है| चूँकि आपको तंत्र सेक्स की साधना करनी है, इसीलिए आपको परंपरागत सेक्स की जो आदत है, उसे तोड़ना होगा| अन्यथा आप तंत्र की साधना में सफ़ल नहीं हो पाएँगे| परंपरागत सेक्स शरीर की जरूरत कम मन की आदत ज्यादा है| इसलिए, बिना इस आदत को तोड़े आप तंत्र साधना नहीं कर सकते हैं| अभी आपका शरीर 'वीर्य स्खलन' का आदी हो चुका है, बिना पुरानी आदत को तोड़े आप तंत्र के लिए उसे राजी नहीं कर सकते हैं| अगले 21 दिनों के लिए सेक्स और सेक्स जुड़ी सभी चीज़ों (पोर्न, हस्तमैथून, अश्लील किताबें, अश्लील गाने इत्यादि) से ख़ुद को दूर कर लीजिए| शरीर के बाद आता है मन शुद्धि- मन को शुद्ध करने के लिए सबसे पहले ऐसी चीज़ों से ख़ुद दूर कर लीजिए, जिससे मन को गति मिलती हो| जैसे, टीवी देखना, मोबाइल का इस्तेमाल करना, अख़बार पढ़ना, गॉसिप करना, निंदा करना, इत्यादि-इत्यादि|
शरीर और मन को शुद्ध करने के अलावा, तंत्र साधना के लिए 'धेर्य' को विकसित करना बहुत ही ज़रूरी है| धेर्य विकसित करने के लिए झेन परम्परा के पास एक सूत्र है, 'when in hurry, go slow' (जब जल्दबाजी में हों, ख़ुद को धीमा कर लें)| आपने किसी के घर का बेल बजाया, दो क्षण की देरी के बाद मन एकदम बेचैन होने लगता है| उस बेचैनी के प्रति जागें| कहीं जाने की जल्दी हैं, आप हडबडाहट में सब कुछ जल्दी-जल्दी करने लगते हैं, ऐसे क्षण में ख़ुद को थोड़ा स्लो कर लें| जब भी किसी काम को करने की बेचैनी पकड़े, पहले भीतर की बेचैनी को शांत कर लें, फिर उस को करें| तेज़ भूख लगी है, आप टेबल पर बैठे हैं, भोजन आने का इंतजार कर रहे हैं| जैसे ही भोजन आता है, आप टूट पड़ते हैं, यहाँ थोड़ा ठहर जाएँ| थोड़ी देर भूख को देखें, भीतर जो खाना जल्दी आ जाए इसकी बेचैनी है, इसको देखें| जब खाना आ जाए, तो थोड़ी देर ठहर जाएँ..मन जब थोड़ा शांत हो तब धीरे-धीरे खाना शुरू करें| इस 'गो स्लो' के सूत्र को जीवन में सब जगह लेकर आएं| जिन-जिन चीज़ों को आप जल्दबाजी में करते हैं, उनको धीरे करना शुरू कर दें| मन हमेशा मंजिल पर पहुँचने की जल्दी में होता है, उसकी इसी जल्दबाजी को तोड़ना 'तंत्र' है| जब आप अपने अनुभव से यह समझ लेते हैं, कि हर उत्थान के बाद पतन आता है, आपके भीतर से मंजिल पर पहुँचने की जो बेचैनी है, कम होने लगती है|
सेक्स के क्षण में भी मन मंजिल (वीर्य स्खलन) तक पहुँचने की जल्दी में होता है| अगर पुरुष का बस चले तो वह फॉरप्ले की झंझट में कभी न पड़े, वो सीधा सेक्स ही शुरू कर दे| वो तो स्त्रियाँ, अक्सर, बिना फॉरप्ले के सेक्स के लिए तैयार नहीं हो पाती हैं, इसलिए पुरुष को यह कवायत करनी पड़ती है| २१ दिनों तक अगर आपने यह सब किया, आपका सेक्स मन से निकल कर शरीर में आ जएगा| अभी हम मन से सेक्स करते हैं, शरीर बस इंस्ट्रूमेंटल है| इसीलिए, आज दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो बिना पोर्न देखे सेक्स नहीं कर सकते हैं| जो लोग पोर्न नहीं देखते हैं, वो लोग भी सेक्स करते समय कल्पना करते रहते हैं, पुरुष किसी और स्त्री के बारे में सोचता रहता है, और स्त्री किसी और पुरुष के बारे में| कुछ लोग सेक्स करते समय एक दुसरे को गंदी-गंदी गलियां देकर उत्तेजित करते हैं, अश्लील शब्दों की मदद से ख़ुद को उकसाते हैं| यह सब इस बात का सबूत है कि शरीर से सेक्स विदा हो गया है| जब तक सेक्स शरीर में नहीं आ जाता है, तंत्र संभव नहीं है| और सेक्स शरीर में तभी आएगा, जब आप अपने मन से सेक्स से जुड़े सभी विचारों को बाहर फेंक दें|

(आगे पढ़ने के लिए मुझे ikkyutzu@gmail.com पर सब्जेक्ट में 'तंत्र सेक्स' लिख कर मेल करें.....)

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