जैसे दीवार-ए-अजंता की किसी बुत में रूह समा गयी हो, जैसे कोहेकाफ़ की कोई परी सैर-ओ-तफ़री के लिए हमारे बीच आ गयी हो, जैसे बहिश्त की कोई हूर ज़मीन पर रक्स करने उतर आई हो, जैसे स्वर्ग की कोई अफ्सरा पृथ्वी पर अवतरित हो गई हो, जैसे किसी महाकवि की निराकार कल्पना को साकार रूप मिल गया हो, जैसे किसी महान चित्रकार की अप्रतिम कृति जिवंत हो टहलने लगी हो, जैसे किसी शिल्पकार के ज़ेहन में बसी आमूर्त छवि मूर्त हो जीवन से भर गयी हो, जैसे किसी शायर की दीवान-ए-सफा से निकल कर कोई ग़ज़ल महफ़िलों में शिरकत करने लगी हो, कुछ ऐसे ही इल्म-ओ-एहसास का अनुभव होता है जब हम सुनहरी जुल्फ़ों के बीच गैबी-नूर से दमकते चेहरे पर सुर्ख कलियों सी मंद मंद तबस्सुम लिए, सौंदर्य की पर्याय बन चुकी ऐश्वर्या राय बच्चन को अपने बीच मौज़ूद पाते हैं | वो हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री की एक ऐसी अभिनेत्री हैं जिसे अंतर-राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त है, उन्होंने हिन्दी के अलावा, इंग्लिश, तमिल, तेलगु और बंगाली फ़िल्मों में भी काम किया है, वो एक सफ़ल मॉडल हैं, उनका नाम गूगल पर सब से अधिक सर्च होने वाले नामों में से एक है, 1994 में, वो मिस वर्ल्ड पेजेंट की विजेता रही थीं और इसी साल वो मिस इंडिया प्रतियोगिता में उपविजेता भी रही थीं, उनके लाखों चाहने वाले और कड़ोडो दीवाने हैं, 2000 में उन्हें अब तक की सब से खूबसूरत मिस वर्ल्ड की संज्ञा दी गयी –‘मोस्ट ब्यूटीफुल मिस वर्ल्ड ऑफ़ आल टाइम’, वो दो बार फिल्मफेअर अवार्ड्स से, दो बार स्क्रीन अवार्ड्स से और दो बार IIFA अवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं, 2009 में भारत सरकार के द्वारा उनको पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है, वो स्टाइल आइकॉन हैं, निजी जीवन में शादी से पहले उनका नाम अभिनेता सलमान खान और विवेक ओबेरॉय से जोड़ा जा चूका था, उनका नाम हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री की सब से मंहगी अभिनेत्री और हिन्दुस्तान की सब से अधिक आर्थिक रूप से संपन्न महिलाओं में शामिल है, 2004 में टाइम मैगज़ीन ने ऊनको ‘द मोस्ट इन्फ्लूएन्शल पर्सनालिटी’ का दर्ज़ा दिया था , वो एक अच्छी इंसान हैं, वो सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की पुत्रबधू हैं, अभिनेता अभिषेक बच्चन की पत्नी हैं, वो एक प्यारी सी बच्ची ‘आराध्या’ की माँ हैं, वो एक आदर्श पत्नी, बहु और माँ हैं, इत्यादि इत्यादि, लेकिन...लेकिन... इस सब से कहीं ऊपर अगर हम सौन्दर्योपासक और मिडिया की माने तो ऐश्वर्या राय बच्चन दुनियां की सब से ख़ूबसूरत स्त्री हैं- “शी इज़ द मोस्ट ब्यूटीफुल वुमन इन द वर्ल्ड’ |”- जूलिया रोबर्ट्स | कहा जाता है कि ‘भगवान ने 6 दिन में दुनियां को बनाया और सातवें दिन उन्होंने ने ऐश्वर्या राय को बनाया. ये करिश्मा है उनकी ख़ूबसूरती का |
कर्नाटक के मंगलूर में, 1 नवंबर, 1973 को बंट परिवार में ऐश्वर्या राय का जन्म हुआ था | बचपन में घर के लोग प्यार से उनको ऐश या गुल्लू बुलाते थे | ऐश के पिता जी कृष्णराज राय मरीन इंजीनियर थे | माँ वृंदा राय घर के कामकाज के अलावा लेखन का भी काम करती है | ऐश्वर्या का एक बड़ा भाई है आदित्य राय, आदित्य मर्चेंट नेवी में इंजिनियर हैं | 2003 में आई ऐश्वर्या राय अभिनीत फ़िल्म ‘दिल का रिश्ता’ में आदित्य राय सह-निर्माता थे | राय का घराना अदबी तालीम का सरचश्मा है, घर के सभी लो लोग सु-शिक्षित और सु-संस्कृत हैं, और यही वजह है सफलता की शीर्ष पर पहुंचने के वजूद ऐश्वर्या अपने संस्कार, रिश्ते की मूल्य, और धर्म की महत्वा को कभी नहीं भूलि है | ऐश की मातृ-भाषा तुलु है, लेकिन उनको कन्नड़, हिंदी, मराठी, तमिल और अंग्रेजी भी आती है |
ऐश्वर्या ने स्कूलइंग हैदराबाद, आंध्र प्रदेश में शुरू की, लेकिन थोड़े समय बाद उनका परिवार मुंबई में आ कर रहने लगा | मुम्बई आने के बाद उनका दाखिला सांता-क्रूज़ के आर्य विद्या मंदिर में करवा दिया गया | ऐश स्कूल के दिनों से ही निहायत ज़हीन, खूबसूरती से माला माल, तहजीब-वो-तमद्दुन के जेवर से मुज़ैयन और सलाहीयतों से भर पूर शख्सियत की मालिक थी | ऐश की माँ विद्या मंदिर में ऐश के पहले दिन को याद करते हुए एक मज़े की बात बताती है, “पहले दिन ऐश्वर्या अपने भाई आदित्य के साथ आर्य विद्या मंदिर गयी थी, आदित्य के दोस्त अपने क्लासफेलो की छोटी सिस्टर को देख कर काफ़ी उत्साहित थे, सब ऐश्वर्या को घेर कर उसको देखने के लिए खड़े हो गये | वे सब ऐश को ‘वाकिटाकी डाल’ बुलाते थे क्योंकि वो हमेशा बाते करती रहती थी, बहुत ज्यादा बोलती थी | आपको पता है वो जब स्कूल से वापिस आई तो क्या बोली ? उसने कहा, “मम्मी, आदित्य के क्लास के लड़के मुझे धक्का दे रहे थे और बहुत ज्यादा शोर कर रहे थे | मुझे अच्छा नहीं लगा ये सब | मैं ने उनसे कहा, अगर तुम लोग मुझे किस करना चाहते हो तो लाइन में खड़े हो जाओ |” ऐश्वर्या जब तीन साल की ही थी तभी से लड़के उसके लिए पागल थे |”
ऐश्वर्या बहुत महत्वाकांक्षी थीं, उनको बड़े बड़े ख़्वाब सजाना और तखय्युलाती दुनियां में खोए रहना पसंद था | साथ ही आस पास की चीजों के प्रति उनकी संवेदनशीलता असाधारण थीं, नई चीजों को जानने और समझने को हमेशा आतुर रहती थीं | ऐश्वर्या अपने चचेरे भाई बहन के साथ कम और अपने चाचा चाची के साथ ज्यादा वक़्त गुज़रती थीं, ऐसा नहीं था कि उम्र से पहले बड़ी होना चाहती थी, उनके घर का माहौल ही ऐसा था जिसमे बच्चे को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाता था | घर के सभी मामलों में छोटों की राय ली जाती थी और उनसे खुल कर बात चीत की जाती थी | घर के इस खुले माहौल का ऐश्वर्या के व्यक्तित्व निर्माण में काफ़ी अहम् भूमिका रहा |
ऐश्वर्या के पिता अपनी नौकरी की वजह से ज्यादातर समुद्रयात्रा पर ही रहते थी | घर पर सिर्फ उनकी माँ और तीन साल बड़ा भाई आदित्य होता था | हालाँकि ऐश्वर्या आदित्य से तीन साल छोटी थी लेकिन व्यवहार और सूझबुझ के मामले में वो आदित्य से बड़ी प्रतीति होती थीं | आदित्य और ऐश में हमेशा किसी न किसी बात को लेकर खटपट होती रहती थी | स्कूल में भी ऐश्वर्या से उनके जूनियर और सीनियर दोनों अपनी प्रॉब्लम डिस्कस करने आते थे | ऐश्वर्या की बौधिक कौशल देख कर लोगों को यकीन नहीं होता कि वो अपने भाई आदित्य से तीन साल छोटी है, वो अपने समय और उम्र से आगे थीं, दोनों भाई बहन के बीच लड़ाई की एक ये भी वजह थी | शुरू से ही ऐश्वर्या अपनी बात को दूसरों के सामने खुबसूरत तरीके से रखने की कला में माहिर थीं |
ऐश्वर्या का मन पढाई में ख़ूब लगता था, उन्होंने कभी भी स्कूल जाने को ले कर कोई नखरे या नाटक नहीं किया | उन्हें ने अपने सलाहीयतों का जौहर दिखाते हुए HSC के इम्तहान में 90 प्रतिशत अंक हासिल किया | बाद की तालीम उन्होंने माटुंगा स्थित डीजी रुपारेल कॉलेज से हासिल की | अपने लड़कपन की उम्र में ही ऐश्वर्या को कला संगीत और नृत्य से लगाव हो गया था, इसी उम्र पढाई के साथ साथ उन्होंने ने पांच साल तक क्लासिकल डांस, म्यूजिक और भारतनाट्यम की भी ट्रेनिंग ली | एकेडमिक में जिस विषय से उन्हें बिशेष लगाव था वो था जूलॉजी और बायोलॉजी, और वो इसी विषय पर आगे शोध करना चाहती थी, उन्होंने ने मेडिसिन के क्षेत्र में कुछ करने की सोची थी |
लेकिन जैसे जैसे कला और संगीत से उनका प्यार बढ़ता गया, पढाई के प्रति दिल लगाना कम हो गया | मेडिसिन की पढाई में ऐश्वर्या की दिलचस्पी कम होने लगी | उन्हें तरह तरह की गीत और संगीत को सुनना पसंद था | ऐश्वर्या का भाई आदित्य टेप खरीद कर लता था और पॉप म्यूजिक रिकॉर्ड करके सुनता था, चूँकि आदित्य बड़ा था वो अपनी मर्ज़ी की सुनता था | ऐश्वर्या की माँ पुरानी फ़िल्मों के गाने सुना करती थी | ऐश्वर्या का फाइन आर्ट और म्यूजिक से प्रेम पढता गया | परिणामस्वरूप उन्होंने मेडिसिन के क्षेत्र में कुछ करने की बात को तर्क कर दिया और आर्किटेक्ट बनने की ठानी और जय हिन्द कॉलेज में एडमिशन करा लिया | हालाँकि ऐश्वर्या ने मडिकल कॉलेज के लिए एंट्रेंस एग्जाम दे दिया था, जिसका रिजल्ट भी बाद में आया लेकिन तब तक ऐश्वर्या जय हिन्द में एडमिशन ले चुकी थीं | और मेडिकल के जिस कॉलेज के लिए वो पास हुई थीं वो वो मुंबई से काफ़ी दूर था और मुंबई छोड़ कर जाना ऐश के लिए संभव नहीं था | सो, उन्होंने आर्किटेक्ट की पढाई जरी कर दी, लेकिन यहां भी ऐश्वर्या ठहरी हुई पहाड़ी ही बनी रहीं जिस पर ज्ञान की बारिश आ कर फिसल जाती थी | किताब को सामने रख कर ऐश ख़्वाबों के समंदर किनारे बैठी ला’ल-ओ-गुहर चुनती रहती थी | धीरे धीरे उनका दिल पढाई से एक दम उचट गया | आस पास के लोगों की निगाह और अपनों और अजनबियों से मिली तारीफ़ की बाढ़ ने ऐश्वर्या को इस बात का का एहसास करा दिया था कि वो असाधारण रूप से सुन्दर है, उसका सौंदर्य अप्रतिम है | तमन्नाओं का तूफ़ान ऐश्वर्या के भीतर करवट ले कर उठ बैठा था, उमंगें जवान होने लगी थी | घर पर फ़िल्म देखने की आज़ादी थी, उन दिनों दूरदर्शन पर रविवार को फिल्म दिखाया जाता था, फ़िल्मों का जादू ऐश्वर्या के सर चढ़ कर बोलने लगा था | फ़िल्मों के अलावा उनको दूरदर्शन का प्रोग्राम ‘छ्यागीत’ भी बहुत पसंद था |
एक दिन जब जब्र-ओ-सब्र जवाब दे गया तो उन्होंने पढाई को पूरी तरह छोड़ कर मॉडलइंग में करियर बनाने की ठान ली | प्रथम वर्ष में मॉडलिंग के साथ साथ उन्होंने पढाई जरी रखी और फर्स्ट ईयर के एग्जाम में अच्छे अंकों से पास हुईं, लेकिन दुसरे साल, उनके मोडलिंग के कामों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हो गई | ऐश ने प्रिंसिपल और अपने टीचर से बात कर के अपने कोर्स को एक साल के लिए ड्राप करना चाहा | उनको मोडलिंग में मिलती सफलता को देख कर कॉलेज से उन्हें इसकी अनुमति मिल गयी |
मिस वर्ल्ड का ख़िताब
शरुआती सफ़लता के नाम पर, 1991 में, फोर्ड द्वारा आयोजित सुपरमॉडल कांटेस्ट में ऐश्वर्या राय ने जीत हासिल की, ‘वोग’ पत्रिका के प्रथम पृष्ट पर ऐश की तस्वीर छपी गयी | इस सफ़लता ने उनको उत्साहित तो किया लेकिन पहचान और बेशुमार काम मिलना अभी बांकी था | 1993 में राय पेप्सी के एक विज्ञापन में अभिनेता आमिर खान के साथ आयीं, इस विज्ञापन से उन्हें काफ़ी पहचान मिली | इस के अगले साल 1994 में राय ने फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में भाग लिया और दुसरे स्थान पर आयीं और मिस इंडिया वर्ल्ड के तौर पर ऐश की ताज़पोशी हुई | इस प्रतियोगिता में प्रथम आने वाली दावेदार ‘सुष्मिता सेन’ थीं, ऐश सुष्मिता से पीछे रह गयी थी |
इसी साल, साउथ अफ्रीका के सन सिटी में वाली मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत से सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय ने भाग लिया और यहीं से ऐश्वर्या के ज़िन्दगी की हवा बदल गयी | उन्होंने ‘मिस वर्ल्ड’ का ख़िताब जीत लिया, राय की उम्र 21 साल थी | ऐश्वर्या के अलावा अलग अलग देशों की 86 सुंदरियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था | मिस वर्ल्ड के अतिरिक्त ऐश्वर्य ने ‘मिस फोटोजेनिक’ अवार्ड और ‘मिस वर्ल्ड कॉन्टिनेंटल क्वीन ऑफ़ ब्यूटी-एशिया एंड ओशिनिया’ भी जीता | अपने इन जीतों की ख़ुशी को व्यक्त करने हुए अपने उसी साल के एक इंटरव्यू में ऐश्वर्या राय कहती हैं, “अब मैं अपने आप को वर्ल्ड पर्सन के तौर पर देखती हूँ, इस जीत ने मुझे अन्दर से समृद्ध किया है, मैं अपने इस अनुभव को ता-उम्र नहीं भूलूंगी |”
मिस वर्ल्ड का ताज़ जीतने के बाद ऐश्वर्या के लिए कई अवसरों के द्वार खुल गए | मिस वर्ल्ड के लोगों के साथ करार के मुताबिक राय को एक साल लंदन में गुज़ारना पड़ा | इस बीच वो वर्ल्ड टूर पर भी गयीं और फ्रांस, जर्मनी, दुबई, अबू धाबी, साउथ अफ्रीका अदि देशों का भ्रमण किया | भारत वापिस आने पर टाइम्स ऑफ़ इंडिया के प्रदीप गुहा ने उनके देल्ही और मुंबई में एक 5 दिन का स्वागत समारोह का आयोजन किया, जिसमे अतिथि के तौर पर मौजूदा प्रधान मंत्री, राष्ट्र पति और सोनिया गाँधी भी मौज़ूद थीं |
फ़िल्मी सफ़र
ऐश्वर्या राय ने 1997 में अपनी फ़िल्मी सफ़ल मणि रत्नम की तमिल फिल्म ‘इरुवर’ से शुरू की | समालोचकों ने फिल्म की सराहना की ,यकीन राय की एक्टिंग को कुछ खास सराहना नहीं मिली | इसी साल अभिनेता बॉबी देओल के साथ उनकी एक हिंदी फिल्म आई ‘और प्यार हो गया’, राय के काम की तारीफ़ की गयी |
1998 में ऐश्वर्या राय की दूसरी तमिल फिल्म आयी ‘जीन्स’ फिल्म के निर्देशक एस.शंकर थे, फिल्म राय की डांसिंग एबिलिटी की काफ़ी सराहना की गयी | और उन्हें साउथ का बेस्ट एक्ट्रेस फिल्मफेअर अवार्ड दिया गया | 1999 में ऐश्वर्या, ऋषि कपूर निर्देशित फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ में आईं | फ़िल्म ने बॉक्स ऑफिस पर दम तोड़ दिया | राय के अभिनय को सिरे से खारिज कर दिया गया, मीडिया ने कहा ऐश्वर्या सिर्फ मुस्कुराना जानती है उनका चेहरा भावना रहित है, वो खुबसूरत लेकिन प्लास्टिक की गुड़िया हैं |
सफ़ल फ़िल्मी सफ़र
राय को एक ऐसी फ़िल्म की शदीद दरकार थी जो उनके आलोचकों के जुबान बंद कर सके, और ये काम किया 1999 की संजय लीला भंसाली निर्देशित फ़िल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ ने | फ़िल्म की अपार सफ़लता ने राय को कई अवार्ड दिलवाए, खास कर उन्हें फिल्मफेअर अवार्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस से नवाज़ा गया | फ़िल्म ऐश्वर्या के साथ प्रमुख अभिनेता के तौर पर अजय देवगन और सलमान खान थे | इसी फिल्म की शूटिंग के दौरन राय की अभीनेता सलमान खान के साथ करीबी भी बढ़ गयी जो कुछ साल बाद विवादों के साथ समाप्त हुई |
‘हम दिल दे चुके सनम’ के बाद जिनती भी फिल्मे आयीं करीब करीब सब हिट रहीं | अभिनेता शाहरुख़ के साथ उनकी फिल्म जोश और मोहब्बतें ने जबर्दश्त सफलता हासिल की और हैरत की बात ये हैं ‘जोश’ में राय शाहरुख़ की बहन की भूमिका में थीं जबकि मोहब्बते में वो उनकी प्रेमिका बनी थीं |
अंतर-राष्ट्रीय ख्याति
2002 की संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म ‘देवदास’, जो बंगाली उपन्यसकार शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की बहुचर्चित उपन्यास ‘देवदास’ के ऊपर आधारित थी, ने ऐश्वर्या राय को अंतर-राष्ट्रीय स्टार बना दिया | इस फ़िल्म में राय ने देवदास की प्रेमिका पारो की भूमिका अदा की है | 2002 की कैनंस फ़िल्म फ़ेस्टिवल में इस फ़िल्म को दिखाया गया था | अंतरराष्ट्रीय बाजार में फ़िल्म ने काफ़ी नाम और पैसा बटोरा | इस फ़िल्म के लिए ऐश्वर्या को फिल्मफेअर बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड भी मिला |
2004 में राय ने गुरिंदर चढ़ा की फिल्म ‘ब्राइड एंड प्रेज्यूडिस’ में काम किया , ये उनकी पहली हॉलीवुड फ़िल्म थी | फ़िल्म में उनकी ख़ूबसूरती को तो सराहा गया मगर उनकी अभिनय क्षमता को कमज़ोर करार दिया गया | ‘ब्राइड एंड प्रेज्यूडिस’ के बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय फ़िल्मों में काम किया, जिसके लिए उनको मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, कभी सराहा गया तो तो कभी आलोचना की गयी | ऐश्वर्या राय द्वरा अभिनीत हॉलीवुड फ़िल्मों के नाम इस प्रकार हैं , ‘ब्राइड एंड प्रेज्यूडिस’ (2004), ‘द मिस्ट्रेस ऑफ़ स्पाइसेज़’ (2005), ‘प्रोवोक्ड’ (2006), ‘द लास्ट लीजन’ (2007), ‘द पिंक पैंथर-2’ (2009) |
अगर भारत से बहार किसी भी एक भारतीय एक्टर को लोग जानते हैं तो वो ऐश्वर्या राय बच्चन हैं, ऐश्वर्या की सर्वप्रियता जगत विदित है
राय से बच्चन
ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन के जोड़ी दुनियां की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक है | राष्ट्रीय और अंतर-राष्ट्रीय मीडिया में इन्हें ‘सुपरकपल’ के नाम से जाना जाता है | धूम-2 की शूटिंग के दौरान अभिषेक को राय से मोहब्बत हो गयी थी | अभिषेक की एक बार पहले करिश्मा कपूर के साथ सगाई हुई थी लेकिन बाद में टूट गयी | 2007 के 14 जवरी को अभिषेक और ऐश्वर्या की सगाई की ख़बर आई, जिसकी पुष्टि बाद में अमिताभ बच्चन के द्वारा की गयी | 20 अप्रैल 2007 को ऐश्वर्या और अभिषेक परिणयसूत्र में बंध गए |
शादी के तीन साल बाद 16 नवम्बर 2011 को राय को मातृत्व का सौभग्य प्राप्त हुआ, उन्होंने ने बेटी का जन्म दिया | बच्चन परिवार ने बच्ची का नाम रखने में चार महीने का समय लिया, मार्च 2012 में बच्ची का नाम ‘आराध्या’ रखा गया |
माँ बनने के बाद से ऐश ने किसी फ़िल्म में काम नहीं किया है अभी वो अपना पूरा वक़्त अपनी बच्ची और परिवार के साथ बिताती हैं |
ऐश्वर्या के बारे में प्रसिद्ध लोगों के विचार
“ऐश्वर्या राय दुनियां की सब से ख़ूबसूरत महिला हैं”- जूलिया रोबर्ट्स
“ऐश्वर्या सच में एक स्टार हैं” –शोभा डे
“जब भी आप सौंदर्य के बारे में सोचते हैं, ज़ेहन में ऐश्वर्या राय की छवि उभरती है” – जॉन अब्राहम
“मुझे ऐश्वर्या राय पर गर्व है, उन्होंने ने हर भारतीय का सर उंचा किया है” सुष्मिता सेन
“ऐश्वर्या जितनी बहार से सुन्दर हैं उस से कहीं ज्यादा वो एक अच्छी इंसान है, वो आंतरिक रूप से सुन्दर हैं”- विवेक ओबेरॉय
“वो वही मिट्टी हैं जिससे भगवन ने औरत के पहले रूप को बनाया था”- विल स्मिथ
ऐश्वर्या राय की कुछ उल्लेखनीय उपलब्धियां
राय पहली भारतीय अभिनेत्री हैं जो प्रतिष्ठित कैनंस इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल की जूरी रह चुकी है |
2004, में ऐश्वर्या पहली भारतीय अभिनेत्री बनी जिसकी मूर्ति लंदन के मेडम टूसाउड्स म्यूजियम में लगा गया |
2009, में ऐश्वर्या सब से कम उम्र में पद्म श्री से सम्मानित होने वाली अभिनेत्री बनी |
अवार्ड्स
1994- मिस कैटवाक, मिस फोटोजेनिक, मिस परफेक्ट 10, मिस पोपुलर, फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड- 1st रनर अप, मोस्ट फोटोजेनिक फेस, मिस वर्ल्ड-1994
1998-स्क्रीन अवार्ड्स मोस्ट प्रोमिसिंग न्यूकमर- (फिल्म ‘और प्यार हो गया’ के लिए), स्क्रीन अवार्ड्स-डिस्कवरी ऑफ़ द ईयर, फ़िल्मफेअर अवार्ड्स साउथ बेस्ट एक्ट्रेस- (फ़िल्म ‘जीन्स’ के लिए)
2000-स्क्रीन अवार्ड्स बेस्ट एक्ट्रेस- हम दिल दे चुके सनम, फिल्मफेअर अवार्ड्स बेस्ट एक्ट्रेस- हम दिल दे चुके सनम, स्टारडस्ट अवार्ड्स बेस्ट एक्ट्रेस- हम दिल दे चुके सनम

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